40 साल पहले रवि शास्त्री ने जिस खिलाड़ी के 1 ओवर में 6 छक्के जड़े थे, उसका क्या हुआ?
Ravi Shastri Six Sixes In An Over Against Tilak Raj: एक ओवर में 6 छक्के का रिकॉर्ड हालांकि अब अलग-अलग फॉर्मेट में कई बार बन चुका है पर अभी भी रोमांचित करता है। भारत में इस रिकॉर्ड के संदर्भ में सबसे

Ravi Shastri Six Sixes In An Over Against Tilak Raj: एक ओवर में 6 छक्के का रिकॉर्ड हालांकि अब अलग-अलग फॉर्मेट में कई बार बन चुका है पर अभी भी रोमांचित करता है। भारत में इस रिकॉर्ड के संदर्भ में सबसे ज्यादा रवि शास्त्री के रिकॉर्ड का जिक्र होता है। क्या उतना ही जिक्र उस ओवर के गेंदबाज तिलक राज का भी होता है? नहीं, क्योंकि रवि शास्त्री उस दिन हीरो बने और मीडिया ने तिलक राज को जीरो बना दिया। यहां तक कि रिकॉर्ड से अगले दिन के अखबार में, न्यूज़ में तिलक राज के फोटो भी नहीं मिले।
एक अनोखा सच बताते हैं। रिकॉर्ड बनने के बाद तिलक राज से कहा गया कि वे रवि शास्त्री के साथ खड़े होकर एक फोटो खिंचवाएं- जो इतिहास का हिस्सा होगी पर तिलक राज ने इनकार कर दिया। दो टूक जवाब था- 'यदि आप किसी वर्ल्ड रिकार्ड में पिटाई का हिस्सा होते तो क्या अगले दिन के अखबारों के लिए पोज देते?'
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वह 10 जनवरी 1985 का दिन था यानि कि रिकॉर्ड बने 40 साल पूरे हो गए। रवि शास्त्री ने रणजी मैच में तिलक राज के एक ओवर में 6 छक्के लगाकर गैरी सोबर्स के मैल्कम नैश के ओवर में लगाए 6 छक्के के रिकॉर्ड की बराबरी की। तिलक राज, उसके बाद पोज देने के मूड में नहीं थे तो बात समझ में आती है। तिलक राज इसके बाद धीरे-धीरे गुमनामी की तरफ बढ़ते गए। जैसे गेंदबाज थे, उससे बेहतर होना तो क्या, वैसे भी न रहे जैसे थे। इस बार उन्हीं तिलक राज और रिकॉर्ड के कुछ ख़ास पहलू का जिक्र करते हैं।
तिलक राज के एक अनोखे रिकॉर्ड का कहीं जिक्र ही नहीं होता। वह अंडर 19 टेस्ट में 100 बनाने वाले पहले भारतीय थे। ये 100 उनके क्रिकेट रिकॉर्ड में कहीं नजर नहीं आता क्योंकि अंडर 19 टेस्ट को भी फर्स्ट क्लास मैच नहीं गिनते। 1979 में पाकिस्तान अंडर-19 टीम भारत आई थी और 5 टेस्ट की सीरीज 0-0 से ड्रा रही। सीरीज में तिलक राज के अलावा सिर्फ एक और बल्लेबाज ने 100 बनाया और उसका नाम के श्रीकांत था।
वापस लौटते हैं उस 6 के रिकॉर्ड पर। मुंबई और बड़ौदा के बीच रणजी मैच था वह और तिलक राज के एक ओवर ने रवि शास्त्री को 'बिग हिटर' के तौर पर पूरी क्रिकेट दुनिया में चर्चा दिला दी हालांकि वे बिग हिटर थे नहीं। ये उनके 80 टेस्ट में 22 और 150 वनडे इंटरनेशनल में एक भी 6 न लगाने के रिकॉर्ड से भी साबित हो जाता है। आजकल स्टार क्रिकेटरों का घरेलू क्रिकेट मैच में खेलना एक बड़ा मसला है- कुछ साल पहले तक ऐसा नहीं था। तब तो टेस्ट सीरीज के बीच में भी रणजी मैच का प्रोग्राम बनता था और खिलाड़ी इन मैचों में खेलते थे।
ये मुंबई-बड़ौदा मैच भी, उस 1984-85 सीजन की भारत-इंग्लैंड सीरीज के कोलकाता और चेन्नई टेस्ट के बीच खेले थे। टीम इंडिया के मुंबई के खिलाड़ियों, कप्तान सुनील गावस्कर, दिलीप वेंगसरकर और रवि शास्त्री का नाम था इस 8-10 जनवरी के मैच के लिए (वानखेड़े स्टेडियम में)। दिलीप बहरहाल जब तक ग्राउंड पहुंचे, दोनों कप्तान गावस्कर और किरण मोरे टॉस के लिए ग्राउंड में जा चुके थे। उन दिनों में मोबाइल तो होते नहीं थे कि खिलाड़ी की एक-एक मिनट की खबर मिलती रहे।
बड़ौदा के विरुद्ध इस ड्रा मैच के आख़िरी दिन रवि शास्त्री ने आउट हुए बिना 200 बनाए और इसी में बड़ौदा के खब्बू स्पिनर तिलक राज के एक ओवर में 6 छक्के शामिल थे। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनसे पहले, तब ये रिकॉर्ड सिर्फ गैरी सोबर्स का था। सोबर्स ने 1968 में काउंटी चैंपियनशिप में स्वानसी में ग्लेमोर्गन के मैल्कम नैश के एक ओवर में, नॉटिंघमशायर के लिए खेलते हुए ये रिकॉर्ड बनाया था। इन 6 छक्कों ने रवि शास्त्री का स्कोर 147 से 183 रन पर पहुंचा दिया।
रवि शास्त्री के इस रिकॉर्ड को देखने वाले ज्यादा नहीं थे- थोड़े से दर्शक, दोनों टीम के खिलाड़ी और छोटा सा प्रेस गैंग और सभी ने पवेलियन छोर पर इस साहसिक स्ट्रोकप्ले को करीब से देखा। उस प्रेस गैंग में एक हैरान करने वाला नाम, भारतीय मूल के ब्रिटेन निवासी और मशहूर क्रिकेट लेखक डिकी रुत्नागुर का भी था (जो इंग्लिश टीम के साथ आए थे पर ये रणजी मैच भी देखने चले आए)। तब उन्होंने सोचा भी नहीं था कि वे खुद किस रिकॉर्ड में हिस्सेदार बनने जा रहे हैं। वे दुनिया में ऐसे अकेले व्यक्ति बने जिसने 1968 के सोबर्स और 1985 के रवि शास्त्री के 6 छक्के के रिकॉर्ड को स्टेडियम में देखा।
स्टेडियम में मौजूद खिलाड़ियों में, आज के मशहूर कार्टूनिस्ट ऑस्टिन कोटिन्हो (मुंबई के रिज़र्व खिलाड़ी के तौर पर) मौजूद थे और उन्हें याद है कि रवि शास्त्री के तीसरे 6 के बाद, गावस्कर ने मुंबई के सभी खिलाड़ियों को ड्रेसिंग रूम से बाहर बुला लिया था, क्योंकि उन्हें लगा था कि कुछ ख़ास होने वाला है। तब आम राय ये थी कि छठा 6 सबसे बेहतर था जबकि टीम के एक और रिज़र्व ऑलराउंडर विजय अल्वा (बॉम्बे यूनिवर्सिटी टीम में रवि शास्त्री के साथी) के मुताबिक़ सिर्फ एक 6 'परफेक्ट' नहीं था और उस शॉट पर तो वे आउट भी हो सकते थे। रिकॉर्ड फीट देखने वालों में, टीम इंडिया में रवि शात्री के साथ खेलने वाले मोहिंदर अमरनाथ भी थे- वे उस सीजन में दिल्ली से ट्रांसफर लेकर, बड़ौदा के लिए खेल रहे थे।
कोई हैरानी की बात नहीं कि इस ओवर के 6 छक्कों ने तिलक राज का दम तोड़ दिया। वे इतने हताश हो गए थे कि रवि शास्त्री के साथ फोटो खिंचवाने से भी इनकार कर दिया। वास्तव में रवि शास्त्री उस दिन कातिलाना मूड में थे। इस पारी में कुल 13 छक्के लगाए और नया भारतीय रिकॉर्ड बना। रवि शास्त्री ने 200 रन 123 गेंद पर 113 मिनट में बनाए- ये नया वर्ल्ड रिकॉर्ड था।
आखिरकार ऐसा क्या हुआ कि इस बोरियत वाले ड्रा की तरफ बढ़ रहे मैच में रवि शास्त्री एकदम जोश में आ गए? मैच में कुछ बचा नहीं था, इसलिए वे जोखिम उठा सकते थे- ये भी एक फैक्टर था। बाद में खुद रवि शास्त्री ने इस सवाल का जवाब दिया और लिखा- 'मैच एक नीरस ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था। ये बॉम्बे के पूर्व पेसर अब्दुल इस्माइल का बेनिफिट मैच था, इसलिए मैंने सोचा कि स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का कुछ एंटरटेनमेंट करूं।'
रवि शास्त्री ने हर छक्के के बारे में बताया :
पहली गेंद : बाउंस थी और उसे मिड-ऑन बाउंड्री के ऊपर मारा
दूसरी गेंद : ऐसी ही थी- इस बार लेग स्टंप पर हिट किया। गेंद मिड-विकेट और मिड-ऑन के बीच से बॉउंड्री के बाहर गिरी
तीसरी गेंद : तेज थी तो मैंने आगे बढ़कर गेंद को बाउंस पर हिट किया और गेंद साइट स्क्रीन के पास गिरी
चौथी गेंद : मैंने तय कर लिया था कि आगे बढ़कर हिट करूंगा पर तिलक राज ने गेंद लेग स्टंप के बाहर डाली, गेंद ने अच्छा स्विंग लिया और हिट से गेंद स्क्वायर लेग पर स्टैंड में गिरी
इस छक्के के बाद रवि शास्त्री को एहसास हुआ कि वे रिकॉर्ड के करीब हैं।
पांचवीं गेंद : तेज थी और मिडिल और लेग के आसपास पिच हुई- इसे मिड-ऑन पर स्टैंड में पहुंचा दिया
अब रवि शास्त्री को एहसास हो गया था कि रिकॉर्ड के लिए पूरा जोर लगाना होगा क्योंकि तिलक राज भी रिकॉर्ड रोकने की पूरी कोशिश करेंगे।
छठी गेंद : रवि शास्त्री ने स्टंप से बाहर एक कदम बढ़ाया, गेंद ऑफ स्टंप के बाहर पिच हुई थी और हिट से साइट स्क्रीन पर जोर से गिरी,
इस तरह रिकॉर्ड बन गया
उसके बाद से, कई अन्य बल्लेबाज ने एक ओवर में 6 छक्के का रिकॉर्ड बनाया है जिनमें युवराज सिंह भी हैं पर रवि शास्त्री ने तब ये रिकॉर्ड बनाया था जब सब गैरी सोबर्स के रिकॉर्ड को 'अमानवीय' कहते थे।
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- चरनपाल सिंह सोबती